महेश की माने तो वो और उसके परिजनों ने गांव से लगे कुरसिया जंगल मे खेत पर लकड़ी कटाई कर रखी थी। जिसे लाने वह गांव का ट्रैक्टर किराए पर लेकर गया हुआ था। देर शाम होने के बाद ट्रैक्टर पर लकड़ी लोड होने के कारण वो और उसके परिजन गांव से लगे पगडंडी वाले रास्ते से वापस लौट रहे थे तभी अचानक 11 केवी से लगे विधुत तार की चपेट में आने से वो बुरी तरह झुलस गया। तार जंगली जानवर का शिकार करने बिछाया गया था।एक साल पहले एक ग्रामीण और दो दिन पहले ही दो मवेशियों की करंट लगने से उसी जगह पर मौत हुई थी।
घटना की जानकारी वन विभाग को भी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके चलते जंगली जानवर मर ही रहे हैं वहीं, ग्रामीण भी शिकार हो रहे हैं।कुछ दिनों पहले ही बालको वन परीक्षेत्र में जंगली सूअर का शिकार करने बम लगाया गया था। बम की चपेट में आने से बच्चे की दर्दनाक मौत हो गयी थी। इस मामले में वन विभाग और बालको पुलिस और वन विभाग जांच में जुटी हुई है लेकिन अब तक आरोपी पकड़ से बाहर है।वहीं, पसान इलाके में पति पत्नी जंगल के हुए थे जहां जंगली जानवर के शिकार करने को बम लगाया गया था बम की चपेट में आने से पति पत्नी घायल हो गए थे। इस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।