शेख अफ़रोज़ हरदा,सिराली/जिले में चलाए जाने वाले वाहन चेंकिग अभियान और यातायात जागरूकता अभियान बेअसर होता दिखाई पड़ रहा है, विभाग वाहन चालकों को यातायात नियमों की नियमित जानकारी देने का दावा करता है। फिर भी दुर्घटनाओं का ग्राफ कम नहीं हो रहा है। दिसंबर माह से अब तक अकेले खिरकिया विकासखण्ड क्षेत्र में 15-20 लोगो अकेले मार्ग दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। फिर भी लोग लापरवाही करते हुए हेलमेट व सीटबेल्ट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं, जो कि उनके लिए जानलेवा साबित होता है। हर तीसरे-चौथे दिन जिले में एक मार्ग दुर्घटना देखने,सुनने को मिल रही है। जिसमें व्यक्तिय की मौके पर ही ज्यादातर मौत हो जा रही है।अभियान चलाकर समय- समय पर सड़क सुरक्षा का दम भरने वाले पुलिस एव परिवहन विभाग के दावे सड़कों पर तार तार हो रहे हैं। आलम यह है कि दो पहिया चालक हेलमेट व कार चलाने वाले सीट बेल्ट बांधना आवश्यक नहीं समझ रहे हैं। शासन ने बिना हेलमेट के पेट्रोल न देने का आदेश तो सुनाया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों व चालकों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। नियमों को ठेंगा दिखाने में आम आदमी के साथ- साथ सरकारी विभाग के कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं। दोपहिया से फर्राटा भरते अधिकांश सरकारी कर्मचारी भी बिना हेलमेट के नजर आते हैं। यही कारण है कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है वहीं दो डेढ़ माह के बीच लगभग 15 से 20 अकेले वाहन चालक खिरकिया विकासखण्ड क्षेत्र में ही मार्ग दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं और तीन दर्जन लोग घायल हो चुके हैं,वाहन चालकों को हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करने के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। कभी गुलाब का फूल देकर प्रेम से तो कभी चालान काटकर सख्ती से बेपरवाह चालकों को समझाया जाता है। फिर भी चालकों की मनमानी नहीं थम रही है। नो हेलमेट नो फ्यूल के आदेश का पालन सख्ती से कराने की आवश्यकता है।वही बुधवार को सिराली पुलिस के द्वारा भी हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से वाहन चेनिक अभियान चलाया गया।[/
