Monday, 13 April

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी  ने मध्य प्रदेश की 18 यूनिवर्सिटी को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। मामला लोकपाल की नियुक्ति का है। डिफाल्टर घोषित किए गए विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पूरे भारत के 421 विश्वविद्यालय को इस मामले में डिफाल्टर घोषित किया है। 

यूनिवर्सिटी के डिफाल्टर हो जाने के बावजूद वर्तमान सत्र में परीक्षा, मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा, पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि ये यूनिवर्सिटी मान्यता प्राप्त हैं। माना जा रहा है कि आने वाले 3 महीना में सभी विश्वविद्यालय लोकपाल की नियुक्ति कर देंगे और इसके कारण उनका नाम डिफाल्टर की लिस्ट से बाहर हो जाएगा। 

डिफाल्टर विश्वविद्यालय

अवेधश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा

पंडित एसएन शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल

महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट

संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर

पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर

पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल

संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन

छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर

मप्र चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर

जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर

सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, इंदौर

विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर

हिन्दी विश्वविद्यालय, भोपाल

राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय, छिंदवाडा

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल

रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय, जबलपुर

सांची विश्वविद्यालय, रायसेन 

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