Friday, 10 April

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अपनी मासिक समीक्षा रिपोर्ट में बताया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2024-25 में वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में बताया गया है कि घरेलू मांग की मजबूती ने अर्थव्यवस्था को पिछले तीन वर्षों में 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर तक पहुंचा दिया है।

भारत की अर्थव्यवस्था 2022-23 में 7.2 प्रतिशत और 2021-22 में 8.7 प्रतिशत बढ़ी। भारतीय अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 7.3 प्रतिशत की दर बढ़ने की उम्मीद है, जो सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है।

आर्थिक मामलों के विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू मांग (निजी खपत और निवेश) में देखी गई मजबूती पिछले 10 वर्षों में सरकार द्वारा लागू किए गए सुधारों और उपायों के कारण है। 

रिपोर्ट में कहा गया है, “बुनियादी ढांचे- भौतिक और डिजिटल क्षेत्र में निवेश और विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किए गए उपायों से आपूर्ति पक्ष को भी मजबूत किया गया है। ये देश में आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करने में संयुक्त योगदान दे रहे हैं। 

रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 25 में, वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7 प्रतिशत के करीब होने की संभावना है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक विकास दर के 7 प्रतिशत से ऊपर पहुंचने की काफी गुंजाइश है। तेजी से बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे से संस्थागत दक्षता में लगातार सुधार हो रहा है। माल और सेवाओं के उत्पादन में विदेशी भागीदारों के साथ बढ़ते सहयोग के साथ तकनीकी प्रगति गति पकड़ रही है। मानव पूंजी निर्माण में तेजी लाने के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में निरंतर वृद्धि से समग्र निवेश का माहौल तेजी से अनुकूल होता जा रहा है। 

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