Saturday, 29 November

भोपाल। कमलनाथ बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच खबर आ रही है कि बीजेपी में ही उनका विरोध शुरू हो गया है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की चर्चा के बाद कमलनाथ ने पांव थाम लिए हैं। सिख दंगों का मामला एक है, दूसरा कमलनाथ की बीजेपी में नई भूमिका भी तय नहीं हो पा रही है। कमलनाथ की बड़ी परेशानी ये है कि नकुलनाथ की जीत को लेकर वो आश्वस्त नहीं हैं। इसीलिए बीजेपी से टिकट की चर्चा की थी। 

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे सांसद नकुलनाथ के भाजपा में जाने की अटकलें तेज हैं। इसी बीच कमलनाथ के करीबी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने रविवार शाम करीब साढे़ 6 बजे कमलनाथ से दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से कहा, ”मेरी उनसे (कमलनाथ) चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि अभी उनका फोकस इस बात पर है कि मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर जातीय समीकरण कैसे होंगे। कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने (पार्टी छोड़ने के बारे में) ऐसा कुछ भी नहीं सोचा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “अभी मेरी कमलनाथ जी से बात हुई है, उन्होंने कहा कि जीतू मीडिया में जो ये बातें आ रही हैं ये भ्रम है। मैं कांग्रेसी था, हूं और रहूंगा…लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है। हर परिस्थिति में उन्होंने दृढ़ता से कांग्रेस के विचार के साथ अपना जीवन जीया है और आगे भी कांग्रेस के विचार के साथ अंतिम सांस तक जीवन जीएंगे। ये उनकी खुद की भावना है जो उन्होंने मुझसे कहा है…।”

कमलनाथ और नकुलनाथ शनिवार से दिल्ली में हैं। रविवार को कमलनाथ दिल्ली में अपने आवास से निकले। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- अभी तो मेरी कहीं बात नहीं हुई है। मैं तेरहवीं में जा रहा हूं।

बीजेपी नेता तेजिंदर बग्गा ने कमलनाथ के बीजेपी जॉइन करने की अटकलों पर विरोध जताया है। सिख नेता बग्गा ने ट्वीट कर लिखा, ‘बहुत से मित्रों के फोन आ रहे हैं और वो कमलनाथ के बारे में पूछ रहे हैं। मैंने उनसे कहा है कि सिखों के हत्यारे और हिन्द दी चादर गुरु तेग बहादुर जी के गुरुद्वारे रकाबगंज साहिब को जलाने वाले कमलनाथ के लिए भाजपा के दरवाजे न खुले थे, न खुले हैं। प्रधानमंत्री मोदी के होते हुए कभी ऐसा संभव नहीं हो पाएगा, ऐसा मैं आप सबको भरोसा दिलाता हूं।

डैमेज कंट्रोल में जुटे पीसीसी चीफ पटवारी

सूत्रों ने बताया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कांग्रेस विधायकों से फोन पर लगातार संपर्क कर रहे हैं। वे विधायकों को बता रहे हैं कि कमलनाथ और नकुलनाथ के बीजेपी में जाने की अटकलें सही साबित नहीं होंगी।

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