Wednesday, 11 March

मुंबई
 महाराष्ट्र के मुंबई में पुलिस पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को गैरकानूनी रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह महिला 2016 से भारत में रह रही थी। पुलिस ने 15 जनवरी को कुलसुम शेख उर्फ मोहिनी (31) को पकड़ा। मोहिनी ने प्रतिबंधित आईएमओ ऐप भी डिलीट कर दिया था। पुलिस ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अभियान शुरू किया था, तब से उसने यह ऐप डिलीट किया। आईएमओ ऐप कम इंटरनेट डेटा इस्तेमाल करता है। इस पर कॉल ट्रेस करना भी मुश्किल होता है। इसलिए अवैध प्रवासी इसे इस्तेमाल करते हैं।

बांद्रा पुलिस के असिस्टेंट इंस्पेक्टर हनुमंत वाघमोडे ने बताया कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने कुलसुम शेख को बांद्रा पश्चिम में काम पर आते समय पकड़ा। डीसीपी (क्राइम) दत्ता नलावडे ने बताया कि बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण 1 जनवरी से मुंबई में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों के खिलाफ पुलिस अभियान तेज़ हुआ है। अभिनेता सैफ अली खान पर हमले के बाद अवैध बांग्लादेशियों की पहचान, गिरफ्तारी और निर्वासन का अभियान और तेज़ हो गया है। 19 जनवरी को संदिग्ध बांग्लादेशी हमलावर शरीफुल फकीर की गिरफ्तारी के बाद से 20 अवैध अप्रवासी पकड़े गए हैं। 1 जनवरी से मुंबई पुलिस ने पूरे शहर से 42 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है।

बांद्रा पुलिस ने 14 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा
पिछले दो हफ़्तों में अकेले बांद्रा पुलिस ने 14 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने भी मंगलवार को चेम्बूर में दो गिरफ्तारियां कीं। डीसीपी नलावडे ने बताया कि इंस्पेक्टर दिलीप तेजंकर को मिली सूचना के बाद दो अवैध अप्रवासी, चंचल सरदार और फिरदौस गाजी को पकड़ा गया।

क्या होती है आईएमओ ऐप
प्रतिबंधित आईएमओ ऐप के बारे में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसका उपयोग अवैध प्रवासियों द्वारा किया जाता है। यह अन्य मैसेजिंग ऐप की तुलना में कम इंटरनेट डेटा का उपयोग करता है और इस पर की गई कॉल का पता लगाना भी मुश्किल है। यह चिंताजनक है कि अवैध गतिविधियों के लिए तकनीक का दुरुपयोग कैसे किया जा रहा है। पुलिस का काम लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। आगे की जांच से और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। यह भी पता चल सकता है कि ये अवैध अप्रवासी किस तरह के नेटवर्क से जुड़े हैं।


Source : Agency

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