Friday, 10 April

भोपाल। आखिर क्या कारण है कि मध्य प्रदेश छोड़कर दक्षिण भारत के राज्यों में शिवराज सिंह चौहान अब सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। क्या मध्यप्रदेश सहित अन्य हिंदी भाषी राज्यों में शिवराज सिंह चौहान की प्रासंगिकता कम होने लगी है? या उनकी विधिवत ड्यूटी पार्टी की तरफ से लगाई गई है? फिलहाल अधिकृत तौर पर तो कोई आदेश या नियुक्ति पत्र जारी नही हुआ, लेकिन शिवराज दक्षिण की यात्राएं कर रहे हैं। 

और एमपी से पोस्टर बैनर से भी उनकी फोटो गायब होने का दुख भी पहले सामने आया है। अब शासकीय कार्यक्रमों और आयोजन उनसे संबंधित कोई योजना का न जिक्र होता है, न ही उनकी योजनाओं के बारे में चर्चा होती है। इस बात का दर्द सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा पुणे की छात्र संसद कार्यक्रम में दिए गए भाषण में झलकता है।
पिछले 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम आने के 16 दिन बाद दिल्ली नहीं जाऊंगा, का बयान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज दिल्ली गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी मुलाकात की बात उन्हें नया काम दे दिया गया। इन दिनों शिवराज दक्षिण भारत के राज्यों में ‘विकसित भारत @ 2047’ संकल्प यात्रा में लगातार शामिल हो रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या उनके लिए हिंदी भाषी राज्यों में जगह नहीं है। मध्य प्रदेश में पार्टी की होर्डिंग और पोस्टर से भी उनकी तस्वीरें गायब हो गई हैं।

आखिर क्या कारण है कि शिवराज को दक्षिण भारत के राज्यों की ओर भेजा जा रहा है। यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि शिवराज सिंह चौहान आज तीसरी बार दक्षिण भारत की राज्य पहुंचे हैं। आज शिवराज सिंह चौहान तमिलनाडु पहुंचे हैं। वे यहां तीन दिन तक यानी 26 जनवरी तक रहेंगे

एक महीने के अंदर तीसरा दौरा

शिवराज सिंह चौहान पहली बार 9 और 10 जनवरी को दक्षिण भारत राज्य तेलंगाना पहुंचे थे वे यहां दो दिन रहे और विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल हुए थे। कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली थी। इस दौरान शिवराज ने हैदराबाद, करीमनगर और वारंगल में आयोजित विकसित भारत कार्यक्रमों में सहभागिता की थी।

इसके बाद शिवराज सिंह चौहान का दूसरा दौरा 18 और 19 जनवरी 2024 को केरल में था। शिवराज ने यहां पर कोच्चि, कोट्टयम और पाला में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत की, मंदिरों में स्वच्छता अभियान और पार्टी की संसदीय क्षेत्र की बैठकों में शामिल हुए थे।

उक्त दौरों से यह सवाल उठ रहे हैं कि विकसित भारत संकल्प यात्रा पूरे भारत में चल रही है। मध्य प्रदेश के कई पड़ोसी राज्य राज्य छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश है, जहां पर भी शिवराज को भेजा जा सकता था, लेकिन भाजपा ने उनके लिए दक्षिण भारत राज्य ही चुना है। करीब 17 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान कि भविष्य को लेकर भी अब अलग-अलग चर्चाओं का दौर चल निकला है।

Share.
Exit mobile version