Saturday, 11 April

भोपाल। भाजपा नेता और मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरा है। उमा ने कहा, ‘कमाल तो यह है कि हमारी सरकार के मुखिया के जिले में भी उनकी छाती के ऊपर अवैध खनन हो रहा है। वह उसको रोक नहीं सके। क्या सत्ता इतनी असहाय है इन तीन माफियाओं के सामने..पावर माफिया, खनन माफिया, शराब माफिया.. इनके सामने सत्ता मजबूर हो गई है क्या? मैं इनको नहीं छोडूंगी।’

ये वो उमा भारती हैं, जो कुछ ही दिन पहले शिवराज को अपना भाई कहती रही हैं। गुरुवार को भोपाल में सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे सीएम पर हमलावर रहीं। वे शहडोल में रेत माफिया द्वारा पटवारी प्रसन्न सिंह बघेल की हत्या के मामले पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा, ‘मुझे स्लिप डिस्क की समस्या है। राहत मिलने के बाद ब्योहारी से ही अवैध खनन विरोधी अभियान की शुरुआत करूंगी।’पूर्व सीएम ने कहा, ‘शहडोल में पटवारी प्रसन्न सिंह की जो हत्या हुई.. अवैध खनन मुझे हमेशा से चुभता रहा है। मैंने कई बार आपत्ति की और आवाज उठाई इसलिए जो बातें मैंने पहले कही थीं.. उन बातों के होते हुए मुझे कोई जिम्मेदारी देने के बारे में पार्टी सोचे लेकिन मैं अवैध खनन की खिलाफत करना नहीं छोडूंगी। अब खनन की खिलाफत सबसे आगे हो जाएगी।’

शराब से लॉस हो तो खनन से रॉयल्टी वसूल करिए

उमा ने कहा- मुझे नहीं पता किसकी सरकार होगी? मैं चाहती हूं कि मेरी पार्टी की सरकार बने। मैं शिवराज जी का बहुत सम्मान करती हूं। शराब नीति घोषित हो गई.. शिवराज जी ने की। उन्होंने वैसे ही की लेकिन वह लागू नहीं हो पाई। सिवाय इसके कि अहाते गिर गए। यह कहा गया कि शराब से लॉस हो जाएगा तो मैं कह देती हूं कि खनन से रॉयल्टी वसूल करिए।

मेरा कहना है कि खनन की रॉयल्टी बहुत सारी भरपाई करेगी। प्रसन्न सिंह के अलावा नरेंद्र कुमार और बीच में बहुत सारे लोगों की हत्या कर दी गई।

बजट बचाने की कंजूसी से हम गायों की हत्या कर रहे

उमा ने आगे कहा- इन सब बातों के होते हुए मुझे पार्टी चुनाव लड़ाने की इच्छा रखती है। हालांकि, जिम्मेदारी तो मुझे परमात्मा ने नैसर्गिक दी है कि मैं खनन के खिलाफ खड़ी हो जाऊं और शराब नीति को ठीक से लागू करने के लिए कोशिश करूं। गौ रक्षा के लिए कोशिश करूं। गायों की सड़क पर इतनी हत्या हो रही है। सड़कों के दोनों तरफ फेंसिंग नहीं की गई। जब भी फोर लेन रोड बनते हैं तो फेंसिंग करना सरकार की जिम्मेदारी है। बजट को बचाने की कंजूसी से हम गायों की हत्या कर रहे हैं।

सोमेश्वर मंदिर नहीं खुला, वाग्देवी की प्रतिमा नहीं लौटी

भाजपा नेता बोलीं- सोमेश्वर का मंदिर क्यों नहीं खुल सका? पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी ने स्वयं कहा कि आप शांत रहिए, हम खुलवा आएंगे इसलिए मैंने ताला नहीं तोड़ा। वरना एक हथौड़े में ताला टूट जाना था। वाग्देवी की प्रतिमा आज तक नहीं लौट पाई। केंद्र में भी हमारी सरकार रही।

अभी भी अगर हमारी सरकार बनेगी तो मैं खनन के मामले में मुख्यमंत्री से अकेले में बात करूंगी। जब वे कुछ नहीं करेंगे तो खुलकर बोलने लग जाऊंगी। आगे मुझे नहीं पता क्या होगा?

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