Monday, 13 April

भोपाल। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी खेल विभाग में ही जमे हुए हैं। जिस विभाग में दस हजार वाला गद्दा छियानबे हजार का खरीदा गया हो और जांच के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, वहां क्या नहीं हो सकता? 

मुख्य स्टेडियम में दौड़ वाले ट्रैक में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ, मुख्य भ्रष्टाचारी एक दशक से ज्यादा समय तक बिना पद के नौकरी ही नही करता रहा अपितु पूरे खेल विभाग को चलाता रहा वहां एक और बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। इसे केवल गलती बताया जा रहा है। लेकिन अधिकारियों ने ये काम जानबूझकर किया है। 

असल में भोपाल के मेजर ध्यानचंद खेल परिसर में 7 करोड़ रुपये की लागत से हॉकी का स्टेडियम बन रहा है. खिलाड़ियों के हक में ये अच्छी बात है। लेकिन नई खबर स्टेडियम की दिशा को लेकर है। इस नए स्टेडियम की दिशा पूर्व -पश्चिम है, जिसका मतलब है कि दिन और शाम को सूरज की सीधी रोशनी से खिलाड़ियों को न सिर्फ दिक्कत आएगी बल्कि उन्हें चोट भी लग सकती है। परेशानी ये है कि सरकार के जिम्मेदार खेल अधिकारी भी इसे समझते हैं लेकिन बेतुके तर्कों से अपनी करनी को सही बता रहे हैं। उन्हें केवल अपने कमीशन और रिश्वत के पैसे से मतलब है । जबकि ओलंपिक खेल चुके खिलाड़ी भी उनके तर्कों से सहमत नहीं है। अब खिलाड़ी जानें और उनका काम। अफसरों ने पैसे निकाले और खर्च कर दिए। अपना हिस्सा जेब में आ गया। लोग तो ये तक कह रहे हैं कि ये स्टेडियम गिल्ली डंडा खेलने के लिए बनाया होगा। 

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