भोपाल। मध्य प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी सोनिया मीना की एक बार फिर से फील्ड में तैनाती हो गई है। छतरपुर में माफियाओं पर कार्रवाई कर चर्चा में आईं, सोनिया मीना ने पूरे प्रदेश में अपनी अलग छवि बनाई थी। एक समय में माफिया इनके नाम से थर्राते थे। माफियाओं के बीच खौफ का दूसरा नाम सोनिया मीना का होता था। वहीं, सोनिया मीना कुछ दिनों से मंत्रालय में पोस्टेड हैं। चुनाव से पहले मऊगंज कलेक्टर के रूप में उनकी पोस्टिंग हुई थीं। लेकिन काम संभालने से पहले ही सरकार का आदेश बदल गया गया था।
2013 बैच की आईएएस अफसर सोनिया मीना अभी आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना के संचालक के रूप में तैनात थीं। वह लंबे समय से यहां पोस्टेड थीं। ऐसे में भोपाल में रहकर ही वह काम कर रही थी। लंबे समय बाद फील्ड में तैनाती हुई है। मोहन यादव की सरकार ने साल के अंत में उन्हें नर्मदापुरम जिले का कलेक्टर बनाया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इसके लिए शासन का आभार जताया है।
सोनिया मीना की छवि एक कड़क अफसर की है। वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं। 2013 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक किया था, उसमें पूरे देश में 36वां रैंक आया था। वह मध्य प्रदेश की अलग-अलग जिलों में तैनात रही हैं। नर्मदापुरम से पहले अनूपपुर जिले की वह कलेक्टर रह चुकी हैं। पहली बार किसी बड़े जिले में सोनिया मीना की तैनाती हुई है।
चुनाव से पहले तत्कालीन शिवराज सरकार ने रीवा से अलग मऊगंज जिला बनाने की घोषणा की थी। जिला बनने के बाद 13 अगस्त 2023 को मऊगंज में कलेक्टर की पहली तैनाती हुई थी। सोनिया मीना मऊगंज की पहली कलेक्टर बनी थीं। हालांकि चार घंटे बाद ही शिवराज सरकार का आदेश बदल गया था। इसकी वजह से वह मंत्रालय में ही रह गई थीं। अब एक जनवरी 2024 को वह नर्मदापुरम कलेक्टर के रूप में काम संभालेंगी।
