Saturday, 11 April

भोपाल। गुना में बुधवार रात को बस और डंपर की भिड़ंत के बाद बस में आग गई थी, 13 यात्री जिंदा जल गए और 16 बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और वे गुना पहुंच कर अस्पताल में घायलों से मिले। मृतकों व घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा कर दी गई है। 

गुना जाने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गुना की घटना बहुत दुख:द है। मैंने रात में कलेक्टर और एसपी से बात भी की थी। अभी मैं खुद जा रहा हूं। हम कोशिश करेंगे कि दोबारा ऐसी कोई घटना नहीं हो। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। जो भी कोई जिम्मेदार होगा किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा- दु:ख की इस विकट परिस्थिति में प्रदेश सरकार पीडि़त परिवारों के साथ खड़ी है। गुरुवार को सीएम ने गुना जाने से पहले भोपाल में कहा, इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है उसे नहीं छोड़ेंगे। जांच के आदेश किए जा चुके हैं। दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पीडि़तों के साथ खड़ी है। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए प्रबंध करेंगे। सडक़ों के ऐसे डेंजर जोन को भी चिह्नित किया जाएगा।

हादसा बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुआ। बस गुना से आरोन की ओर जा रही थी, तभी सामने से आ रहे एक डंपर से बस की टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही बस पलट गई और उसमें आग लग गई। दो-ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया जा सका। गुना एसपी विजय कुमार खत्री ने बताया कि बस में करीब 30 सवारियां थीं। 

सात शव एक-दूसरे से चिपके हुए थे

हादसे की वीभत्सता इसी से समझ सकते हैं कि शव को उठाने में भी अंग गिर रहे थे। कुल 13 शव मिले। बस के अंदर से जो 9 शव निकाले गए, उनमें 7 एक-दूसरे से चिपके थे। इनको बाहर निकालने में कर्मचारियों के हाथ कांप रहे थे। शव ऐसे जले कि घरवाले तक नहीं पहचान पाएंगे। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि घाटी पर चालक न्यूट्रल में डंपर उतार रहा था। इसी दौरान स्टीयरिंग और ब्रेक जाम हो गए और डंपर सीधे बस से जा टकराया। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए और फंसे लोगों को निकाला। मौके पर स्ष्ठश्वक्रस्न की टीम भी पहुंची। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं की जा सकी है।

बस का रजिस्ट्रेशन और बीमा नहीं, फिटनेस खत्म हो चुका

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बस का रजिस्ट्रेशन और बीमा नहीं था। फिटनेस सर्टिफिकेट भी एक्सपायर हो चुका था। घायल यात्रियों के बयान के आधार पर बस मालिक भानु प्रताप सिकरवार, ड्राइवर और डंपर चालक के खिलाफ स्नढ्ढक्र दर्ज की गई है। स्नढ्ढक्र में बस और डंपर चालकों के नाम नहीं लिखे हैं। केवल गाडिय़ों के रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किए गए हैं। भानु प्रताप ठेकेदार हैं और भाजपा नेता विश्वनाथ सिकरवार के बड़े भाई हैं। विश्वनाथ भाजपा जिला उपाध्यक्ष रहे हैं।

आर्थिक सहायता के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा- इस हृदय विदारक दुर्घटना में असमय मृत्यु को प्राप्त हुए दिवंगतों के परिजन के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।

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