भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मध्य प्रदेश के प्रवास पर आए, परंतु यहां चुनाव प्रचार के लिए नही, अपितु आध्यात्मिक प्रवास पर आए थे। इस दौरे को लेकर एक चर्चा ये भी चल निकली है कि क्या मोदी मध्य प्रदेश में पार्टी को जिताने के बजाय किसी दूसरे अभियान में जुटे हुए हैं।
असल में मोदी एक दिन पहले ही शिरडी गए थे और वहां पर उन्होंने साईं बाबा के दर्शन किए थे। आज चित्रकूट आए। उन्होंने दो कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दोनो राजनीतिक नही थे, पर उनके भाषण राजनीतिक ही रहे। ये बात और है कि उन्होंने प्रदेश में बीजेपी को या उसके प्रत्याशियों को जिताने की अपील नहीं की। उन्होंने स्वर्गीय अरविंद मफतलाल के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिरकत की, तो स्वामी रामभद्राचार्य की पुस्तक का विमोचन भी किया। भाषण भी दिया।
चित्रकूट की तुलसी पीठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा में कहा, ‘गुलामी के एक हजार साल के कालखंड में भारत को तरह-तरह से जड़ों से उखाड़ने के कई प्रयास हुए। हम आजाद हुए, लेकिन जिनके मन से गुलामी की मानसिकता नहीं गई, वे संस्कृत के प्रति बैर भाव पालते रहे।’ और भी बहुत कुछ कहा, लेकिन प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा कल से ही चल रही थी की क्या मोदी एमपी के चुनाव में बहुत ज्यादा रुचि नहीं ले रहे? चित्रकूट आए तो आस पास एकाध चुनावी सभा को भी संबोधित कर सकते थे। वैसे बीजेपी के प्रवक्ता कहते हैं ये आध्यात्मिक यात्रा थी, मोदी जी प्रदेश प्रमुख स्टार प्रचारक हैं, उनकी कई सभाएं होना है। प्रचार का मुख्य नारा ही मोदी पर है … मोदी के मन में मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश के मन में मोदी…। कुछ भी हो, चित्रकूट यात्रा को लेकर चर्चा तो है।
