भोपाल। मध्य प्रदेश में अब कुलपति को कुलगुरू कहा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश में शराब दुकान अब धार्मिक स्थलों और स्कूलों से डेढ़ किलोमीटर दूर पर ही होगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में शराब 15 प्रतिशत महंगी कर दी गई है।
मप्र की 16वीं विधानसभा के पहले बजट सत्र के पूर्व आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यत: सरकार द्वारा बजट सत्र में पेश किए जाने वाले लेखानुदान के प्रारूप पर चर्चा हुई। इसके साथ ही वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुमान भी सरकार विधानसभा में रखेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के कुल सचिव अब कहलाएंगे कुलपति और कुलपति कुलगुरू कहलाएंगे।
नई आबकारी पॉलिसी को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। पिछले बार के ठेका मूल्य से 15 प्रतिशत अधिक पर आवंटित किए जाएंगे शराब दुकानों के ठेके। कुल दुकानों का 75 प्रतिशत शराब दुकानों के ठेकेदार रिन्यूअल के लिए तैयार होने पर ही होगा रिनुवल वरना टेंडर पर जाएगी दुकान। धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक स्थलों शराब दुकानों की दूरी पूर्ववत एक किलोमीटर रहेगी। केबिनेट में फैसला लिया गया कि किसानों को हर साल की तरह इस बार भी शून्य फीसदी ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा, प्रदेश में बाल संरक्षण इकाई द्वारा हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी, सारा स्टाफ संविदा पर तैनात होगा।
लेखानुदान के माध्यम से हम भविष्य का रोड मैप तय करेंगे: यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ पधार रहे हैं। हमारी तथा पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान की सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में विकास और जन कल्याण के जो कार्य किए हैं, उन्हें आजादी के अमृत काल में वृहत्तर स्वरूप में आरंभ करने का संकल्प लेने के लिए वहां भव्य आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने कहा कि लेखानुदान भी आने वाला है, जिसके माध्यम से हम भविष्य का रोड मैप तय करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में आयुर्वेदिक- होम्योपैथी-नेचुरोपैथी चिकित्सा सुविधा के विस्तार के संबंध में जो दिशा निर्देश दिए गए हैं उनके अनुरूप आयुष विभाग के माध्यम से योजना क्रियान्वित की जाएगी।
