भोपाल । भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और इंदौर 1 विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय ने उज्जैन और खरगोन में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही नाराज नेताओं से मुलाकात कर उन्हें पार्टी के लिए काम करने को मनाया। एक घंटे तक बंद कमरे में दिलीप सिंह शेखावत और उनके समर्थकों को मनाने की कोशिशें की गईं।
इस दौरान उन्होंने बता दिया कि आखिर चुनाव न लड़ने की इच्छा के बावजूद उनको अगर ये चुनाव लड़ना पड़ रहा है तो इसके पीछे उनके ‘बॉस’ का हाथ है। विजयवर्गीय बोले, ‘मेरा भी चुनाव लड़ने का मन नहीं था. लेकिन अचानक मेरे पास बाॅस का फोन आ गया. अब बॉस ने बोला है तो चुनाव तो लड़ना ही पड़ेगा. हमें मोदी जी के लिए काम करना है. बीजेपी के लिए काम करना है. मोदी जी, शिवराज जी और बीजेपी के शासन में ही मध्यप्रदेश और देश की तरक्की हुई है।
असल में कैलाश विजयवर्गीय ये इशारा देश के गृहमंत्री अमित शाह को लेकर कर रहे थे. सूत्र बताते हैं कि कैलाश विजयवर्गीय गृहमंत्री अमित शाह के करीबी हैं और उनके कहने पर ही वे चुनाव लड़ने को राजी हुई हैं. इसलिए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बॉस के फोन आने पर वे चुनाव लड़ने को तैयार हुए हैं।
