Saturday, 11 April

भोपाल। मध्यप्रदेश में 7.50 लाख कर्मचारियों के डीए पर सरकार खामोश है। आचार संहिता के बीच राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों व अधिकारियों को 4 फीसदी और महंगाई भत्ता मिलना तय हो गया है। एमपी में इसके लिए सरकार के फैसले का इंतजार है। प्रदेश के कर्मचारियों को अभी 42 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है।

कर्मचारी-अधिकारी संगठनों का कहना है कि सरकार जानबूझकर कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों के भुगतान में देरी कर रही है। चुनाव आयोग ने मतदान के दिन तक भत्ते के भुगतान पर अस्थायी रोक लगाई थी। लेकिन, प्रदेश सरकार ने इसके बाद भी भत्ता दिए जाने को लेकर कोई कवायद नहीं की है। आयोग के अस्थायी रोक के बाद सरकार भत्ते के भुगतान के लिए सीधे आदेश जारी कर सकती है।

इसके अलावा इस मामले में और स्पष्ट अभिमत लेने के लिए सरकार चुनाव आयोग को दोबारा पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांग सकती है। दोनों ही काम राज्य सरकार के वित्त विभाग ने नहीं किए हैं। इससे कर्मचारियों का नुकसान हो रहा है। पहले भी सरकार महंगाई भत्ते की पूरी राशि का भुगतान नहीं करती रही है।

अभी 42 फीसदी मिल रहा महंगाई भत्ता

लाखों कर्मचारियों के एरियर्स की राशि नहीं दी जा रही है। इन कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में अब तक 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। चार प्रतिशत डीए देने के केंद्र सरकार के 20 अक्टूबर के फैसले के बाद अब केंद्र के कर्मचारियों की तरह एमपी के कर्मचारियों क्यो 16 प्रतिशत घटंगार्ट भना मिलना है जिसके लिए 

देने के केंद्र सरकार के 20 अक्टूबर के फैसले के बाद अब केंद्र के कर्मचारियों की तरह एमपी के कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलना है, जिसके लिए एक माह से इंतजार करना पड़ रहा है।

आयोग ने मतदान दिवस तक रोका था

चुनाव आयोग से शिवराज सरकार ने धनतेरस के दिन प्रस्ताव भेजकर प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों को महंगाई भत्ता देने के लिए अनुमति मांगी थी। आयोग ने तब इस टीप के साथ अस्थायी तौर पर भत्ते का भुगतान करने पर रोक लगाई थी कि मतदान दिवस तक महंगाई भत्ते का भुगतान स्थगित रखा जाए। आयोग के इस फैसले के बाद अब मतदान हो गया है पर महंगाई भत्ते को लेकर कोई चर्चा शासन स्तर पर नहीं है।

राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भुगतान को आयोग की मंजूरी

कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की राशि का भुगतान करने के लिए चुनाव आयोग से मांगी गई अनुमति के आधार पर राजस्थान में मतदान के पहले ही परमिशन मिल गई थी। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार को आयोग ने दो दिन पहले अनुमति देकर भत्ते की राशि के भुगतान के लिए कहा है।

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