Wednesday, 1 April

मुंबई। राहुल गांधी ने पिछले साल जिस भारत जोड़ो यात्रा शुरुआत की थी अब उसी यात्रा से विपक्षी दलों के गठबंधन के समूह INDIA का पूरा रोड मैप तैयार किया जा रहा है। मुंबई में आयोजित हुई गठबंधन की बैठक में इसका पूरा प्रतिबिंब भी साफ तौर पर देखा गया।

राहुल गांधी ने पिछले साल जिस भारत जोड़ो यात्रा शुरुआत की थी अब उसी यात्रा से विपक्षी दलों के गठबंधन के समूह INDIA का पूरा रोड मैप तैयार किया जा रहा है। मुंबई में आयोजित हुई गठबंधन की बैठक में इसका पूरा प्रतिबिंब भी साफ तौर पर देखा गया। सियासी जानकारों का मानना है के राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर ही विपक्षी दलों के गठबंधन ने “जुड़ेगा भारत” की थीम के साथ एक कदम और आगे बढ़ते हुए अपने सियासी लक्ष्य को पाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा जनता के मुद्दों को आगे रखकर जिस तरीके से राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा की थी उन्हें मुद्दों के साथ अब विपक्षी दलों का यह गठबंधन सियासी मैदान में जनता के बीच अपनी आवाज रखता हुआ नजर आएगा।

फिलहाल मुंबई में आयोजित हुई बैठक में शामिल नेताओं का कहना है कि जिन दो अहम मुद्दों पर मुंबई की बैठक में फैसला लिया गया है अगले कुछ दिनों में उसके परिणाम भी दिखने शुरू हो जाएंगे।

मुंबई में आयोजित हुई दो दिवसीय विपक्षी दलों की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उसमें पहला मुद्दा सीटों के बंटवारे को लेकर हुआ। उसके बाद तय हुआ कि जल्द ही सीट शेयरिंग के फार्मूले के साथ कोऑर्डिनेशन कमिटी अपना आगे का काम शुरू करेगी। इसके साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर जनसभाएं और रैलियां को करने तैयारी को शुरू करने का प्रस्ताव बनाया गया। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA की थीम को लेकर तय हुआ। इस थीम को “जुड़ेगा भारत जीतेगा INDIA” के प्रस्ताव के साथ लांच किया गया।

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि सिर्फ “भारत जोड़ो यात्रा” के नाम वाले अंश ही नहीं बल्कि राहुल गांधी की यात्रा के मुख्य मुद्दे को ही अब गठबंधन आगे बढ़ा रहा है। जानकारों का मानना है कि मुंबई में आयोजित विपक्षी दलों की बैठक में जिस तरीके से जनता के मुद्दों को आगे रखकर रैलियों और जनसभाओं को करने की बात कही गई है वह भी उनकी भारत जोड़ो यात्रा का ही एक बड़ा मुद्दा था। हालांकि उद्धव ठाकरे की शिव सेना के नेता हरिभाऊ राणे कहते हैं कि सभी राजनीतिक दल हमेशा से जनता के मुद्दों पर ही अपनी बात आगे रखते आए हैं। उनका कहना है कि इसलिए इस बैठक में जिन मुद्दों को आगे रखकर सियासी रैलियां और जनसभाओं को करने की बात कही गई है वह जनता के ही मुद्दे हैं। 

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