Monday, 27 April

उज्जैन
 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को अपने गृह जिला उज्जैन पहुंचे थे. यहां सीएम ने महाकाल लोक के ब्रिज का लोकार्पण किया था. खबर आ रही है कि इस दौरान सीएम मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि एक संदिग्ध युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था. लिहाजा इससे पहले पुलिस ने युवक को पकड़ लिया. युवक को हिरासत में लेकर महाकाल थाना भेज दिया गया है.

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे. शाम को जब वे महाकाल मंदिर के पास रुद्रसागर क्षेत्र में बने सम्राट अशोक सेतु के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे, तो वहां भारी संख्या में लोग मौजूद थे. हालांकि इस दौरान सुरक्षा बल भी तैनात था. इसी दौरान एक युवक को कोट-पैंट पहने एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने देखा. जो सीएम का घेरा तोड़कर उनके पास जाने की कोशिश कर रहा था. युवक के गले में एक आईडी कार्ड लटका था और हाथ में वॉकी-टॉकी भी था.

युवक के मानसिक स्थिति की हो रही जांच

पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत उस युवक को पकड़ लिया. जब महाकाल थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार और एसआई चंद्रभान सिंह ने उससे पूछताछ की, तो उसने खुद को सीएम का सुरक्षा अधिकारी बताया. पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. आईडी कार्ड में युवक का नाम सिद्धार्थ जैन लिखा था. उसके पास वॉकी-टॉकी भी था. एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उसकी मानसिक स्थिति की जांच करवाई जा रही है. हालांकि पुलिस ने युवक को तुरंत महाकाल थाना भेज दिया है.

वॉकी-टॉकी और एमपी सरकार का ID कार्ड मिला

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें पुलिस संदिग्ध युवक को ले जाते हुए नजर आ रही है. पुलिस को उसके पास से जो आईडी कार्ड मिला, उस पर “Government of Madhya Pradesh, मुख्यमंत्री कार्यालय, वल्लभ भवन, भोपाल” लिखा था. युवक का नाम सिद्धार्थ जैन, पद प्रोटोकॉल ऑफिसर, और आईडी नंबर 2908527 दर्ज था. इसके अलावा, उसके पास से मध्य प्रदेश शासन का स्टिकर लगा वॉकी-टॉकी भी बरामद हुआ है.

किस मकसद से आया, पुलिस कर रही जांच अब तक पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि युवक किस उद्देश्य से कार्यक्रम में घुसा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या वह किसी साजिश या बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।

इसके अलावा, पुलिस युवक की मानसिक स्थिति का भी आकलन कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी आईडी और वॉकी-टॉकी उसे कहां से मिली। मामले में पुलिस जल्द ही और खुलासे कर सकती है।


Source : Agency

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