Saturday, 11 April

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक NGO से 26 लड़कियों के गायब होने का मामला सामने आया है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मोहन यादव की सरकार से कार्रवाई की मांग की है।लेकिन इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। असल में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने शिवराज सिंह की सरकार पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका साफ कहना है कि चुनाव के पहले कुछ अकर्मण्य अधिकारियों ने इन्हीं संस्थाओं के हाथ में बच्चों के संरक्षण हेतु चाइल्ड लाइन संचालित करने का काम देने का आदेश कैबिनेट से स्वीकृत करवा लिया था।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा- “भोपाल के परवलिया थाना क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित बालगृह से 26 बालिकाओं के गायब होने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मामले की गंभीरता तथा संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार से संज्ञान लेने एवं त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।”

 शिवराज सिंह चौहान की मांग पर प्रियंक कानूनगो ने पलटवार किया। उन्होंने कहा- “आपकी संवेदनशीलता के लिए मनपूर्वक धन्यवाद भाई साहब! ये सभी बच्चियां सड़क व रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू कर के लाई गयीं थीं, इनमें अनाथ बच्चियां भी थीं। जो NGO सरकारी एजेंसी चाइल्ड लाइन के रूप में बच्चों को रेस्क्यू कर रही थी, उसी ने बच्चों को गुपचुप ढंग से अवैध बाल गृह में रखा था। आपकी कैबिनेट के फैसले के चलते ही ऐसी संस्थाओं को चाइल्डलाइन का काम सौंपा गया था, ये ख़तरनाक है।  मुझे विश्वास है कि आप उसको भी वापस लेने के लिए सरकार को आग्रह करेंगे।”

Share.
Exit mobile version