Sunday, 3 May

नई दिल्ली
असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि भले ही उन्हें कई बार हमलों का सामना करना पड़ा है, लेकिन वह इन चीजों से डरते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हजरत अली का यह फरमान है कि अल्लाह की मर्जी के बिना आप उसके पास जा नहीं सकते। दुनिया में जो भी आया है, उसे जाना है। जिंदगी जितनी लिखी है, उतनी जिएंगे और जब जाना होगा जाएंगे। ओवैसी ने कहा कि राजनीति में रहकर आप कितना खुद को बचाएंगे। यहां अनिश्चितता तो है ही। यदि कोई हर तरह से कवर है तो वह पीएम ही हैं। उनके अलावा तो हर राजनेता खतरे में है। यदि कोई दीवाना आदमी आपके पीछे पड़ जाए तो कैसे रोक पाएंगे। यदि कोई नेता राजनीतिक दल के लिए प्रतिबद्ध होता है तो वह रुक नहीं सकता।

हैदराबाद के सांसद ने कार्य़क्रम में कहा कि जब राजनीतिक दल के लिए आप काम करते हैं तो यह मानकर चलना होता है कि जो होगा देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि डर का क्या है। यह तो हकीकत है कि हमें एक दिन जाना ही है। यदि जिंदगी गुजारनी है तो अपनी शर्त पर गुजारें। किसी को पसंद न आए तो क्या करेंगे। यदि डर की बात है तो अल्लाह का ही होना चाहिए, जिसमें जमीन और आसमान बनाया। दुनिया वालों से क्या डरना है। जो लोग इस देश के कानून और संविधान को नहीं मानते, वे ऐसे हिंसक रास्ते अपनाते हैं। ओवैसी ने कहा कि हमारा देश ऐसे मुकाम पर आ गया है कि यह सब रुकने वाला नहीं है। ऐसे लोग सोचते हैं कि हम जो चाहेंगे, वह करेंगे।

नमाज पढ़ने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि यह तो हर मुसलमान पर फर्ज है। बस यह है कि यदि आप 70 किलोमीटर से ज्यादा के सफर में हैं तो यह कम हो जाता है। यहां तक कि आप बीमार हों तो बिस्तर पर भी इशारों से नमाज कर सकते हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों को सत्ता मिली है, वे कैसे आगे ले जा रहे हैं। महाराष्ट्र के एक मंत्री ने कहा कि ईवीएम का मतलब है- एवरी वोट अगेंस्ट मुल्ला। वह पहले भी ऐसा ही करते रहे हैं। अब तक उनके खिलाफ सिर्फ एफआईआर दर्ज हुई है और गिरफ्तार नहीं किया गया है। यही चिंता की बात है औऱ हम इसके मुकाबले खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य दल तो सेकुलरिज्म के नाम पर मुसलमानों को डराते हैं और उन्हें अपनी छतरी के नीचे लाने की कोशिश में रहते हैं।

 


Source : Agency

Share.
Exit mobile version