Sunday, 1 March

जयपुर।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती युग प्रवर्तक मनीषी थे। वह व्यक्ति नहीं संस्था थे। देश को रूढ़ियों से मुक्त कराने वाले समाज सुधारक थे। बागडे मंगलवार को महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वि जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर श्री श्याम गौशाला पिपराली सीकर में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल बागडे ने  कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती महज एक व्यक्ति नहीं होकर बहुत बड़े समाज सुधारक थे। उन्होंने सत्य का रास्ता अपनाने की बात कही। उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण एवं भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। उन्होंने  सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का काम किया। राज्यपाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने  शिक्षा के महत्व को समझते हुए  इंसान को  सदाचारी बनने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि हम हमारे पुराने ज्ञान को संजोए रखते हुए नए ज्ञान को एकत्र करें, यही हमारी भारतीय संस्कृति है। इस दौरान उन्होंने देश निर्माण में नई शिक्षा नीति के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने अहिल्या बाई होलकर के समाज सुधार में अतुल्य योगदान करने की बात कही।


Source : Agency

Share.
Exit mobile version