Friday, 10 April

भोपाल। राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा और गैर राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस अवार्ड के लिए राज्य शासन ने कवायद शुरू कर दी है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने मुख्य सचिव को फाइल पदों के डिटर्मिनेशन को लेकर तय प्रक्रिया के अनुमोदन के लिए भेजी है। इस पर अंतिम फैसला होने के बाद प्रस्ताव केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) को भेजा जाएगा और फिर 2023 के लिए डीपीसी की तारीख तय की जाएगी। दूसरी ओर नान एसएएस से आईएएस के लिए दावेदारों के नाम भी सामने आने लगे हैं और उनका विरोध भी होने लगा है।

वर्ष 2021 और 2022 के पदों के लिए पिछले साल हुई डीपीसी के बाद आईएएस राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन अफसरों की डीपीसी हुई थी, उन सभी को आईएएस अवार्ड भी हो गया है। पिछले माह 13 फरवरी को सुनील दुबे और कमलेश कुमार भार्गव को भी आईएएस अवार्ड करने के आदेश डीओपीटी से जारी हो गए थे जिसके बाद जीएडी ने इन दोनों ही अफसरों को वर्तमान पदों पर काबिज रखते हुए उनकी पोस्टिंग आईएएस के पद के समकक्ष घोषित कर दी है। इसके बाद अब 2023 के लिए डीपीसी की कवायद शुरू हुई है। इसी को लेकर जीएडी के अफसरों ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्य सचिव को अनुमोदन के लिए भेजा है। इसमें एसएएस के पदों के साथ नान एसएएस के पदों के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है पर अभी अधिकारी इन पदों की संख्या को लेकर कुछ नहीं बता पा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार करीब सात पद आईएएस अवार्ड में शामिल किए जा सकते हैं।

राप्रसे ने किया नान एसएएस को आईएएस बनाने का विरोध

इसके पहले राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधि मंडल ने पिछले माह सीएम डॉ मोहन यादव से मुलाकात कर उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा था। इसमें गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर में पदोन्नति दिए जाने का विरोध किया गया था और कहा गया था कि अपात्रता के बाद गैर राप्रसे अफसरों को मौका दिए जाने से राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का हक मारा जाता है। गौरतलब है कि गैर राज्य प्रशासनिक अधिकारियो को आईएएस अवार्ड देने का प्रावधान अखिल भारतीय सेवा नियमों में है। मध्यप्रदेश कैडर के 33.33 प्रतिशत पद राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए है, जिसका 15 प्रतिशत गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए निर्धारित होता है और इसी के आधार पर गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के पदों की गणना की जाती है।

कमर्शियल टैक्स में जीजा-साली का नाम

नान एसएएस से आईएएस के पदों का निर्धारण अभी नहीं हुआ है लेकिन कमर्शियल टैक्स विभाग में दो नाम खासे चर्चा में हैं और उनके पुराने कामों को देखते हुए विभाग में ही उनका विरोध शुरू हो गया है। ये दोनों ही अधिकारी रिश्ते में जीजा-साली हैं जिनके नाम अनुराग जैन और सोनाली जैन हैं। दोनों ही उच्च पद का प्रभार दिए जाने का आदेश जारी होने के बाद असिस्टेंट कमिश्नर से डिप्टी कमिश्नर बनाए गए हैं। इनके विरुद्ध सागर, रतलाम, इंदौर में विभागीय गड़बड़ियों की शिकायत पहले से है। विभाग में इस बात को लेकर खासी चर्चा है कि अगर इनका नाम आईएएस अवार्ड के लिए भेजा जाता है तो इसका विरोध भी होना तय है। इसके अलावा अन्य विभागों में भी इसके लिए दावेदारी शुरू कर नाम भेजने की तैयारी की जा रही है।

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