Monday, 13 April

जबलपुर । जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार को स्टूडेंट्स ने हंगामा कर दिया। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर धरना दिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही प्रिंसिपल डॉ. टीके झिन्गे और रांझी तहसीलदार कुलदीप पाराशर मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाने की कोशिश की गई। आखिरकार शाम करीब 5 बजे प्रिंसिपल के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म किया गया।

सुबह करीब 11 बजे बीटेक फाइनल ईयर के 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे। उनका कहना था कि पिछले पांच साल से कॉलेज में कोई बड़ी कंपनी प्लेसमेंट के लिए नहीं आई है। दो-तीन साल पहले एक कंपनी आई थी, लेकिन उसने भी एग्जाम नहीं कराया।

छात्र अनिल कुमार ने कहा, ‘अक्टूबर महीना आ गया है, लेकिन अभी भी प्लेसमेंट की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। कॉलेज मैनेजमेंट ने इंटर्नशिप करने का अधिकार भी छीन लिया है। कॉलेज प्रबंधन खुद तो प्लेसमेंट के लिए कंपनी ला नहीं रहा, छात्र इंटर्नशिप करना चाह रहे हैं तो उसके लिए भी मना कर दिया गया है।’

आरोप- प्रिंसिपल ने केबिन में बुलाकर धमकी दी

प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया- कॉलेज का इस साल जीरो प्लेसमेंट है। हमने प्लेसमेंट की मांग की तो प्रिंसिपल ने 10-12 छात्रों को केबिन में बुलाया। धमकी दी कि अगर प्रदर्शन करोगे तो डिग्री रोक ली जाएगी। पर्सनल प्लेसमेंट की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया। छात्रों का कहना है कि 5 साल पहले यहां 15-16 लाख का पैकेज मिलता था, अब घटकर साढ़े तीन लाख से भी कम हो गया है। यही वजह है कि हमें सड़क पर उतरकर हक की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

छात्र इस बात पर अड़े थे कि सीएम शिवराज सिंह चौहान या सांसद राकेश सिंह उनसे मिलने आएं और लिखित में आश्वासन दें।

Share.
Exit mobile version