Monday, 13 April

जबलपुर। हाई कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश का पालन न करने के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनय द्विवेदी, सीजीएम नीता राठौर, सीई कांतिलाल वर्मा सहित अन्य पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने अनावेदकों को 30 दिन के भीतर जुर्माने की राशि याचिकाकर्ता को अदा करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ता टीकमगढ़ निवासी जितेन्द्र तंतुवाय की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता प्रोग्रामर के पद पर पदस्थ है। उसका स्थानांतरण टीकमगढ़ से रीवा कर दिया गया था। एक वर्ष के भीतर तीसरी बार स्थानांतरण किया गया। लिहाजा, हाई कोर्ट में चुनौती दी गई।

हाई कोर्ट ने नौ फरवरी, 2023 को अनावेदकों को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर निर्णय लें। यह भी कहा कि अभ्यावेदन के निराकरण तक याचिकाकर्ता को वर्तमान पदस्थापना में ही कार्य करने दें। जब याचिकाकर्ता ने टीकमगढ़ में ज्वाइनिंग दी तो चीफ इंजीनियर ने एक आदेश जारी कर ज्वाइनिंग देने से इनकार कर दिया। यह कोर्ट के आदेश की अवहेलना है। कंपनी के अधिकारियों की ओर से जवाब प्रस्तुत कर मांफी मांगी गई और कहा गया कि उनसे अनजाने में चूक हुई है। उनका इरादा कोर्ट की अवहेलना करना नहीं था।

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