Saturday, 2 May

लातेहार

पिछले 30 वर्षों में भाकपा माओवादी संगठन का गढ़ माने जाने वाले लातेहार जिला के बूढ़ा पहाड़ से माओवादी नक्सलियों का सफाया हो चुका है. इस बीच बचे नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में पुलिस और सुरक्षाबलों को लगातार कामयाबी मिल रही है. इसी कड़ी में एक साथ दो नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. इससे माओवादियों को तगड़ा झटका लगा है.

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का नाम अमरजीत उर्फ काली उर्फ सनि बिरिजिया और मिथिलेश उर्फ अखिलेश कोरवा शामिल हैं जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर जिला निवासी है. उक्त नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया है जहां पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन कमांडेन्ट यादराम बुनकर ने दोनों को माला पहनाकर और अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किये. आत्मसमर्पण पर लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया कि दोनों नक्सलियों पर दर्ज काण्ड के विरूद्ध खोजबीन के दौरान संपर्क में आये. तब जाकर इन्हें सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से लाभान्वित होने और हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटने को लेकर अपील किया गया. इसका परिणाम है कि दोनों नक्सलियों ने मंगलवार को हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटने का काम किया है.

वहीं सीआरपीएफ 11वीं बटालियन कमांडेन्ट यादराम बुनकर ने कहा कि सुरक्षाबल जिले को नक्सल मुक्त कराने में तत्परता से जुटी है. उन्होंने मीडिया के माध्यम से कड़े शब्दों में बचे नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा सरकार मुख्यधारा में लौटने को लेकर हरसंभव प्रयास कर रही है. कहा कि आत्मसमर्पण नहीं करेंगे तो मारे जायेंगे. बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले दोनों दुर्दांत नक्सलियों के विरुद्ध कुल जिले के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं. इसको लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.


Source : Agency

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