Wednesday, 14 January

पटना.
बिहार के युवाओं के लिए रोजगार की तस्वीर अब और बड़ी होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने ‘सात निश्चय-2’ के तहत तय 50 लाख रोजगार का लक्ष्य पूरा करने के बाद अब अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नए रोजगार देने का नया लक्ष्य रखा है। नीतीश कुमार ने यह बात अपने सोशल मीडिया अकाउंट X के जरिए भी दोहराई है। 

सीएम अपने वादे पर कायम
सीएम नीतीश कुमार ने अपने वादे और लक्ष्‍य स्‍वीकारते हुए साफ साफ कहा है कि राज्य का फोकस अब पारंपरिक नौकरियों से आगे बढ़कर कौशल आधारित रोजगार और उद्यमिता को सरल बनाने पर है। आईटी/आईटीईएस, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण उद्यमिता और एग्री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र को सरकार ने रोजगार का नया इंजन माना है।

“बिहार आइडिया फेस्टिवल” की शुरुआत
युवाओं को सीधे नीति निर्माण में जोड़ने के लिए सरकार ने “बिहार आइडिया फेस्टिवल” लॉन्च किया। इस मंच पर युवा अपने आइडिया सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। चयनित प्रस्तावों को न सिर्फ फंडिंग और मेंटरशिप मिलेगी, बल्कि उन्हें राज्य में लागू भी किया जाएगा। इससे स्थानीय समस्याओं का समाधान होगा और नए रोजगार के अवसर बनेंगे।

युवाओं के लिए नई उम्मीद
बताते चलें कि 50 लाख रोजगार देने का लक्ष्‍य पूरा होने के बाद सरकार की ओर से 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्‍य रखा गया है। जिससे युवाओं में एक नई ऊर्जा और विश्वास पैदा हुआ है। सरकार की ओर से भी इस लक्ष्‍यों  को अमली जामा पहनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका नतीजा है कि नालंदा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सुपौल, कटिहार, औरंगाबाद और गोपालगंज में पहले से औद्योगिक हब के निर्माण का काम जारी है। इसके अलावा पटना के बख्तियापुर, बेगूसराय, मधेपुरा, सीवान और सहरसा में इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई। 

साझेदारी से तेजी
सरकार का दावा है कि रोजगार सृजन का यह रोडमैप केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा। इसे सरकार-नागरिक-उद्योग की साझेदारी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए लगातार समीक्षा हो रही है, ताकि फैसलों का असर जमीन पर दिख सके। सरकार की ओर से नागरिक-उद्योग की साझेदारी को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसका नतीजा है कि बिहार के 12 जिलों में औद्योगिक हब बनाने का काम शुरू हो गया है। जहां लाखों लोगो के लिए रोजगार के साधन उपलब्‍ध होंगे।


Source : Agency

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