HomeGeneral knowledge

क्या कोई जानवर अपना खाना धोकर खाता है ?

क्या कोई जानवर अपना खाना धोकर खाता है ?

रैकून अपना भोजन साफ करने के लिए नहीं वरन् उसे अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए धोता है

रैकून (Raccoon) एक अत्यंत मनोरंजक जंतु है. • कुछ लोगों का कहना है कि यह जानवर अपना भोजन धोकर खाता है. इस बात में कुछ सच्चाई है. अधिकांश रैकून खाने से पहले अपने भोजन को धोते हैं और ऐसे उदाहरण भी अनुभव में आए हैं कि यदि धोने के लिए पानी नहीं मिला है, तो इन्होंने भोजन करने से इंकार कर दिया है. दूसरी जगह ऐसा भी देखने में आया है कि पास ही पानी होने पर भी रैकून ने बिना धोए खाना खा लिया है. ऐसे भी रैकून देखे गए हैं, जो कभी भी भोजन धोने की चिता नहीं करते.

वास्वत में कोई भी यह नहीं जानता कि रैकून अपना भोजन क्यों धोते हैं. यह तो स्पष्ट है कि ये भोजन को साफ करने के इरादे से नहीं धोते, क्योंकि ये इसे बहुत मैले पानी में धो डालते हैं. दूसरे ये पानी में से पकड़े गए भोजन को भी धोते हैं, जिसे धोने की कोई जरूरत नहीं होती. इसलिए शायद भोजन धोने का कारण यह हो सकता है कि धोने पर इनको भोजन अधिक स्वादिष्ट लगता हो.

रैकून स्तनपायी पशु हैं और प्रोसोनिडेई परिवार में आते हैं. इनके शरीर पर काफी मात्रा में बाल होते हैं. ये दक्षिणी कनाडा से पनामा तक के विस्तार में, ऊंची पहाड़ियों को छोड़कर पाए जाते हैं.

रैकून ज्यादतार भूरे रंग का होता है. कुछों के शरीर पर पीले या ब्राउन चकत्ते होते हैं. इसकी गहरी भूरी बालदार पूंछ होती है, जिस पर पीले रंग के 4 या 6 छल्ले होते हैं. पूंछ की लंबाई लगभग 25 सेमी. होती है. आंखों के चारों तरफ काले निशान होते हैं. इसका थूथन नुकीला और मजबूत

पैने होते हैं. ये अपने पंजों का इस्तेमाल भोजन ढूंढने के लिए करते हैं.

रैकून उन स्थानों पर रहते हैं, जहां पानी और जंगल दोनों हों. इनका भोजन मुख्य रूप से मछली, मेढक, सीप और झींगा मछली वगैरह होते हैं. ये गंदे पानी से अपना भोजनं पकड़ते हैं. ये अखरोट, फल और कच्चा अनाज आदि भी खाते हैं.

रैकून की दो मुख्य किस्में हैं. उत्तरी रैकून (Procyon Lotor) कनाडा, अमेरिका और सेंट्रल अमेरिका में होते हैं. इसकी लंबाई पूंछ समेत 76 सेमी. से 97 सेमी. तक होती है और वजन लगभग 10 किग्रा. नर मादा से लंबे होते हैं. केकड़े खाने वाले रैकून (Procyon Carnivorous) दक्षिणी अमेरिका में पाए जाते हैं. इस किस्म के रैकूनों के दूसरे रैकूनों से बाल छोटे और टांगें लंबी होती हैं.

और पश्चिमी प्रदेशों में पाए जाने वाले रैकून जनवरी रजून के बीच एक बार सहवास करते हैं. सहवास के नौ हफ्तों बाद मादा एक से सात तक बच्चे जनती है. यदि रैकून परिवार घर बदलता है, तो मादा रैकून

बच्चों को एक-एक करके नये घर में पहुंचाती है. रैकून का शिकार इनके बालों और गोश्त के लिए किया जाता है.


google news

RECOMMENDED FOR YOU

Loading...