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World Emoji Day: कम्युनिकेशन में इमोशंस में को प्रायोरिटी देते इमोजी

World Emoji Day: कम्युनिकेशन में इमोशंस में को प्रायोरिटी देते इमोजी

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इमोटिकॉन्स को इमोजी का एसेस्टर माना जाता है. इमोजी से पहले जापान में लोग इमोटिकॉन्स के जरिए कम्युनिकेट करते थे. इसमें बात कहने के लिए मैसेज में कुछ नंबर्स के जरिए भाव व्यक्त होते थे, पर धीरे-धीरे इसका क्रेज खत्म हुआ और फिर शुरू हुआ इमोजी का दौर, जो अब लोगों की जरूरत बनता जा रहा है.

ऐसा माना जाता है कि ह्यूमन कम्युनिकेशन में प्रारंभिक तकनीकी का प्रयोग लगभग 30,000 बी.सी में प्रारंभ हुआ, जब मनुष्य ने सिंबल्स के माध्यम से एक दूसरे से कम्युनिकेट करना शुरू किया. संस्कृत और ग्रीक दुनिया की सबसे पुरानी भाषाएं मानी जाती हैं, जिनमें संस्कृत के ओरिजिन का समय 2000 बी.सी और ग्रीक का 1500 बी.सी निर्धारित किया गया है. प्रीहिस्टोरिक मानव सिम्बल्स, पिक्चर्स, ध्वनि तथा ड्रॉइंग्स के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करता था. विश्व के विभिन्न हिस्सों में आकियोलॉजिकल एक्सकेंवेंस में मिली केव पेंटिंग्स इस थ्योरी को साबित करती हैं, मस्तिष्क के विकास के बाद मनुष्य का सबसे बड़ा चैलेंज संभवत: अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति ही रहा होगा.

वर्तमान में विश्व में लगभग 6500 भाषाएं बोली जाती है, जिसमें 1132 मिलियन स्पीकर्स के साथ इंग्लिश दुनिया की सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है, अभिव्यक्ति को सुगम और सरल बनाने के लिए तमाम प्रयोग चलते रहे हैं और इसी तरह के एक प्रयोग से जन्मी है अभिव्यक्ति की एक नई शैली, जिसे हम ‘इमोजी’ के नाम से जानते हैं. ‘इ’ अर्थात पिक्चर’ और ‘मोजी’ अर्थात ‘कॅरेक्टर” यानि किसी शब्द या फीलिंग को चित्र के माध्यम से व्यक्त करने को ईमोजी कहा जाता है. पहली इमोजी 1999 में जापानी ग्राफिक डिजाइनर शिगेटाका कुरौता ने बनाई थी, जो उस वक्त एनटीटी डोकोमो नामक टेलीकॉम कंपनी में कार्यरत थे. कुरोता एक ऐसा इंटरफेस डेवेलप करना चाहते थे, जिसके जरिये फॉलिंग एक्सप्रेस करना और भी आसान हो जाए करीता ने शुरू में कुल 176 इमोजी बनाए, जिन्हें अब अमेरिका के एक म्यूजियम में रखा

गया है. इनमें चेहरे के हावभाव, जगह, मौसम, घर, फूल, गिफ्ट आदि चीजों के चित्र थे यह एक नए विजुअल मैसेजिंग सिस्टम की शुरुआत थी, जो आज पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय बन चुका है.

मोडिया स्टडीज के विशेषज्ञ यह मानते हैं कि आने वाले समय में इमोजी विजुअल कम्युनिकेशन को न सिर्फ बेहद सोफस्टिकेटेड बना देंगी, बल्कि लैंग्वेज के तमाम बैरियर्स को भी तोड़ देंगी. वर्तमान में इसे एक भाषा का दर्जा देना मुश्किल है, पर इसमें कोई संदेह नहीं कि यह एक बेहद दिलचस्प कम्युनिकेशन सिस्टम है. इमोटिकॉन्स को इमोजी का एंसेस्टर माना जा सकता है. इमोजी के चलन से पूर्व वर्ष 1990 के दौरान जापान में लोग इमोटिकॉन्स के जरिए कम्युनिकेट करते थे. इसमें भी लम्बी चौड़ी बात कहने की जरूरत नहीं पड़ती थी और मैसेज में कुछ नम्बरों के जरिए इशारों में भाव व्यक्त हो जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे इसका क्रेज खत्म हो गया और इमोजी का दौर शुरू हो गया. 

वर्ल्ड इमोजी डे इमोजीपीडिया के फाउंडर जेरेमी बर्ज ने 2014 में शुरू किया था. तब से लेकर अब तक हर साल 17 जुलाई को ‘वर्ल्ड इमोजी डे’ के तौर पर मनाया जाता है. ईमोजी का इस्तेमाल सबसे पहले 1990 के दौरान शुरू हुआ. जब 17 जुलाई 2002 के दिन एप्पल ने अपने कैलेंडर ऐप के लिए इमोजी का इस्तेमाल किया था. ईमोजीपीडिया ने भी इसी कारण से 17 जुलाई का चुनाव वर्ल्ड इमोजी डे के तौर पर किया है. साल 2012-2013 में ईमोजी का प्रयोग इतना पॉपुलर हुआ कि अगस्त 2013 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में भी ईमोजी शब्द को जोड़ दिया गया. अब इमोजी, इमोशंस को शब्दों के बगैर एक छोटी सी डिजिटल इमेज के जरिए दर्शाने का एक बेहतरीन तरीका बन गया है. चैटिंग के दौरान लंबे-लंबे मैसेज लिखने के बजाए अब इमोजी भेजकर अपनी भावनाएं शॉर्ट में व्यक्त की जा सकती हैं. वर्तमान में ईमोजी को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर रोज 6 अरब से भी ज्यादा बार प्रयोग किया जाता है.

हर साल यूनिकोड कंसोर्टियम नए-नए इमोजी डेवेलप करता है और इन इमोजीज को एंड्रॉइड और आईओएस जैसे मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम तत्काल अपने सिस्टम में इंक्लूड कर लेते हैं. वर्ष 2020 में, यूनिकोड कंसोर्टियम ने बबल टी, आंसू के साथ मुस्कुराता चेहरा, बोतल से दूध पिलाने वाले माता-पिता और ट्रांसजेंडर के झंडे के अलावा 110 से भी ज यादा नए एमोजीज तैयार किए, एप्पल ने नए एनीमेटेड ईमोजी को भी डेवेलप किया है, जिसका नाम एन इमोजी रखा गया है.

इस समय दुनिया में 3500 से अधिक इमोजी यूनिकोड स्टैंडर्ड में उपलब्ध हैं. ‘फेस विद टीयर्स ऑफ जॉय’ विश्व की सबसे लोकप्रिय इमोजी है, जिसे सिर्फ ट्विटर पर ही 2 बिलियन से ज्यादा बार यूज किया जा चुका है. इमोजी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इंटरनेट पर तमाम ऐसे ऐप्स की भरमार है, जो इमोजी सेंटेंस मेकर और ट्रांसलेटर का काम करते हैं. कुछ भी कहना हो, कोई भी भाव हो, ये ऐप्स तुरंत डिजिटल दुनिया की इस नई भाषा में ट्रांसलेट कर देते हैं, ऑनलाइन रहने वाले करीब 92 प्रतिशत लोग इमोजी का इस्तेमाल करते हैं और सबसे कमाल की बात ये है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग, गांव से लेकर शहर तक हर शख्स इमोजी का दिल खोलकर इस्तेमाल कर रहा है.

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